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सबसे बड़ा मिशन गगनयान की तैयारी में जुड़ा इसरो:

सबसे बड़ा मिशन गगनयान की तैयारी में जुड़ा इसरो: ISRO involved in the preparation of the biggest mission Gaganyaan

चंद्रयान-3 की सफलता के बाद पूरी दुनिया में भारत को एक ऊंचा दर्जा मिला भारत के स्पेस मिशन को लोहा माना माना है इसरो एक बहुत बड़ा प्रोजेक्ट पर कम कर रहा है,जिसका नाम गगनयान है।जो की इसरो के लिए बेहद ही खास मिशन के रूप में रहेगा, क्योंकि इसके तहत और रोबोट तथा अंतरिक्ष यात्री को भेजने की तैयारी में जुड़ा है। इसरो भारतीय वायु सेवा के कई बेहतरीन पायलटो को स्पेस सेंटर में ट्रेनिंग दी जा रही है। जिससे काफी अच्छी बात यह है कि इसरो इस मिशन को लेकर जल्द ही अपडेट देगा।


Mission Gaganyaan 

गगनयान मिशन का काम क्या होगा

यह मिशन एक अंतरिक्ष मिशन है जिसमें सबसे पहले रोबोट को अंतरिक्ष में भेजा जाएगा इसके लिए स्पेसक्राफ्ट की टेस्टिंग भी सफल हो गई है और रोबोट के लिए वियोग मित्र नाम की महिला को अंतरिक्ष में भेजा जाएगा जो की अक्टूबर के पहले सप्ताह सप्ताह में भेजा जा सकता है।

जब रोबोट को सही तरीके से वहां पर पहुंचाने और रहने में कोई असुविधा नहीं होगी तभी इंसानों को अंतरिक्ष में भेजने का कार्य शुरू होगा इसकी पूर्ण रूप से सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जितना जरूरी किसी को भेजना है उतना ही जरूरी किसी को लाना भी है


Mission Gaganyaan 


क्या है इसरो के गगनयान का प्लान

मिशन गगनयान का मुख्य प्लान 2023 के आखिरी समय में इसरो दो मिशन भेजेगा जिसमें रोबोट का पहला मिशन होगा जिसकी कामयाबी के बाद इंसानों को भेजा जाएगा जो की 7 दिनों तक अंतरिक्ष में रहेगा और वहां पर रिसर्च करेगा और जितने भी रिसर्च हैं यह सुरक्षित रूप से इसरो को नीचे आकर देगा इसरो इसके लिए समय-समय पर अपडेट करता रहेगा।


गगनयान कार्यक्रम की कुल लागत कितनी होगी?

गगनयान कार्यक्रम की कुल लागत ~9023.00 करोड़

गगनयान मिशन में कौन-कौन सी भारतीय एजेंसियां इसरो के साथ सहयोग करेगी?


गगनयान के लिए प्रमुख सहयोगी भागीदारों में शामिल हैं

  • भारतीय सशस्त्र बल
  • रक्षा अनुसंधान विकास संगठन
  • भारतीय समुद्री एजेंसियां ​​- भारतीय नौसेना, भारतीय तटरक्षक बल, भारतीय नौवहन निगम, राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान, राष्ट्रीय महासागर प्रौद्योगिकी संस्थान।
  • भारतीय मौसम विभाग
  • सीएसआईआर लैब्स
  • शैक्षणिक संस्थान
  • उद्योग भागीदार

इसरो द्वारा विकसित गगनयान अंतरिक्ष यान को 300-400 किलोमीटर की निचली पृथ्वी की कक्षा (LEO) में रखा जाएगा। देश के लिए गगनयान महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पहला स्वदेशी मिशन है जो भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजेगा। यदि यह सफल होता है, तो भारत अंतरिक्ष में मानव भेजने वाला चौथा देश होगा, अन्य तीन देश अमेरिका, रूस और चीन होंगे।

निष्कर्ष (Conclusion)

आपको यह आर्टिकल इन्फोर्मटिव लगा होगा। अपने सवाल या सुझाव को निचे दिए गए कमेंट बॉक्स में जरूर लिखे। अगर पोस्ट में कोई कमी लगे तो जरूर बताएं। सबसे बड़ा मिशन गगनयान की के बारे में और भी जानकारी चाहिए तो हमारे इस वेबसाइट को फॉलो करें।








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